वर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही विश्व खेल-जगत
में उत्साह और रोमांच की नई लहर दौड़ पड़ी है। यह वर्ष खेल प्रेमियों के लिए केवल
प्रतियोगिताओं का कैलेंडर नहीं, बल्कि
संघर्ष, सपनों और स्वर्णिम उपलब्धियों की
संभावनाओं से भरा एक उत्सव है। आने वाले महीनों में दुनिया भर के खेल मैदानों से
जयकारों की गूंज, रिकॉर्ड टूटने की आहट और नए नायकों
के उदय की कहानियाँ सुनाई देंगी।
भारत के
दृष्टिकोण से यह वर्ष विशेष महत्व रखता है। हॉकी विश्व कप, टी-20 क्रिकेट विश्व कप, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल—ये सभी आयोजन भारत को अपनी
खेल-शक्ति और आत्मविश्वास का परिचय देने का सुनहरा अवसर प्रदान करेंगे। वहीं
वैश्विक मंच पर फुटबॉल विश्व कप, शीतकालीन
ओलंपिक और विश्व बैडमिंटन कप भी खेल-जगत को नई ऊँचाइयों पर ले जाने को तैयार हैं।
नए वर्ष
में भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती और अवसर टी-20 क्रिकेट विश्व कप है, जिसका आयोजन 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में
होगा। भारत मौजूदा टी-20 विश्व विजेता है और सूर्यकुमार
यादव के नेतृत्व में अपने घरेलू मैदानों पर खिताब की रक्षा कर इतिहास रचने का
सुनहरा अवसर उसके पास है।
इसी क्रम
में महिला टी-20 क्रिकेट विश्व कप 12 जून से 5 जुलाई तक इंग्लैंड में खेला जाएगा।
वर्ष 2025 में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में
भारत द्वारा एकदिवसीय विश्व कप जीतना महिला क्रिकेट के लिए मील का पत्थर साबित हुआ
था। यदि भारतीय महिला टीम टी-20 विश्व कप भी
अपने नाम कर लेती है, तो यह महिला क्रिकेट के स्वर्णिम
अध्याय में एक और चमकदार पन्ना जोड़ देगा।
हॉकी
विश्व कप का आयोजन अगस्त 2026 में बेल्जियम और नीदरलैंड की
संयुक्त मेजबानी में होगा। भारत ने अब तक केवल एक बार—1975 में अजीतपाल सिंह की कप्तानी में—हॉकी विश्व कप जीता है। पिछले दो
ओलंपिक खेलों में लगातार कांस्य पदक जीतकर भारतीय हॉकी ने अपनी पुनर्जागरण की
कहानी लिखी है। अब देश को पचास वर्षों के लंबे इंतजार के अंत की उम्मीद है। सवाल
यही है—क्या 2026 स्वर्णिम अतीत की वापसी का साक्षी
बनेगा?
इसी वर्ष राष्ट्रमंडल खेल 23 जुलाई से 6 अगस्त तक स्कॉटलैंड के ग्लास्गो
शहर में आयोजित होंगे। पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 22 स्वर्ण सहित कुल 61 पदक जीतकर चौथा स्थान प्राप्त किया
था। हालांकि इस बार हॉकी, कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसे खेलों
के शामिल न होने से चुनौती बढ़ गई है। इसके बावजूद एथलेटिक्स में भारत से अच्छे
प्रदर्शन की अपेक्षा की जा रही है। उल्लेखनीय है कि 2030 में अगला राष्ट्रमंडल खेल भारत के
अहमदाबाद शहर में होगा, जिससे 2026 के खेल भारतीय दर्शकों के लिए और
भी विशेष बन जाते हैं।
राष्ट्रमंडल
खेलों के तुरंत बाद एशियाई
खेलों का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के नागोया शहर
में होगा। भारत एशियाई खेलों का संस्थापक सदस्य रहा है और 1951 से लेकर अब तक प्रत्येक संस्करण
में उसकी सहभागिता रही है। पिछले एशियाई खेलों में भारत ने 28 स्वर्ण सहित कुल 106 पदक जीतकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया
था। हाल के वर्षों में खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों के प्रदर्शन में आई उल्लेखनीय
प्रगति को देखते हुए, उम्मीद है कि भारत इस बार नए
कीर्तिमान स्थापित करेगा।
वर्ष 2026 में भारत को विश्व बैडमिंटन कप की मेजबानी का गौरव भी प्राप्त
होगा। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 17 से 23 अगस्त तक नई
दिल्ली में आयोजित की जाएगी। भारत की ओर से अब तक केवल पी. वी. सिंधु ने 2019 में इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक
जीता है। हाल के वर्षों में सात्विक-चिराग की जोड़ी ने विश्व मंच पर भारत का नाम
रोशन किया है। सिंधु के साथ-साथ इस जोड़ी से भी पदक की प्रबल उम्मीदें हैं।
फीफा
फुटबॉल विश्व कप, जिसे फुटबॉल का महाकुंभ कहा जाता
है, 12 जून से 26 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त
मेजबानी में आयोजित होगा। भले ही भारतीय टीम इस प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई न कर
पाई हो, लेकिन भारत में फुटबॉल प्रेमियों
का जुनून किसी से कम नहीं है। यह अब तक का सबसे बड़ा फीफा विश्व कप होगा, जिसमें 48 टीमें भाग लेंगी। 2022 में कतर में हुए विश्व कप में
लियोनेल मेसी के जादुई खेल के दम पर अर्जेंटीना ने खिताब जीता था। संभवतः यह मेसी
और क्रिस्टियानो रोनाल्डो दोनों का अंतिम विश्व कप होगा, जिससे यह आयोजन भावनात्मक रूप से
भी ऐतिहासिक बन जाता है।
कुल
मिलाकर, प्रतियोगिताओं और संभावनाओं की
दृष्टि से वर्ष 2026 खेल जगत के लिए अविस्मरणीय होने जा रहा है। यदि भारत इन मंचों
पर अपनी प्रतिभा, अनुशासन और आत्मविश्वास का
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता है, तो यह वर्ष
न केवल वैश्विक खेल इतिहास में, बल्कि
भारतीय खेल चेतना में भी स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो जाएगा।
******************************************
No comments:
Post a Comment